चढ़ावा चोरी के आरोपों पर चंपत राय का पलटवार, बोले- निजी जीवन तक को निशाना बनाया गया

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार नए खुलासों के साथ सुर्खियों में बना हुआ है। अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की डायरी से इस पूरे मामले को लेकर कई नई बातें सामने आई हैं। डायरी में दावा किया गया है कि चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद करीब 25 दिनों तक लगातार दुष्प्रचार किया गया और धीरे-धीरे मामला मंदिर परिसर से निकलकर चंपत राय के निजी जीवन तक पहुंच गया।
डायरी के मुताबिक, शुरुआत में यह मामला राम मंदिर के चढ़ावे और उससे जुड़े घटनाक्रम तक सीमित था, लेकिन बाद में आरोप-प्रत्यारोप और कथित मिथ्या प्रचार तेज हो गया। चंपत राय ने लिखा कि जब उनके निजी जीवन को भी निशाना बनाया जाने लगा तो वह मानसिक रूप से आहत हुए और उन्होंने सार्वजनिक रूप से मौन धारण कर लिया। 24 जून से उन्होंने मंदिर परिसर में जाना और पत्रकारों से मिलना भी बंद कर दिया था।
इस मामले में एक और अहम जानकारी यह सामने आई कि 15 जून को गठित एसआईटी के तीन सदस्य रामजन्मभूमि परिसर पहुंचे और चंपत राय से करीब चार घंटे तक अकेले में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान घटनाक्रम, दस्तावेजों और चढ़ावा चोरी के आरोपियों से जुड़े स्वीकारोक्ति पत्रों की मूल प्रतियां भी हासिल की गईं। इसके बाद डॉक्टर अनिल मिश्र और गोपाल राव से भी कई चरणों में पूछताछ हुई।
डायरी में यह भी दर्ज है कि चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी की आशंका केवल चार जून की घटना तक सीमित नहीं थी। अप्रैल में भी एक कर्मी को चोरी के आरोप में परिसर से हटाए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद जब चार जून को चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया तो पुराने प्रकरण की कड़ियों को भी खंगाला गया।
चार जून की रात करीब 2.25 लाख रुपये की रकम मिलने के बाद मामले की पड़ताल शुरू हुई। अगले दिन अयोध्या पहुंचने पर सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई और शाम की दूसरी शिफ्ट में काम करने वाले तीन गणना कर्मियों पर शक जताया गया। पांच जून की रात उनसे पूछताछ की गई और उनके घरों से अलग-अलग रकम बरामद किए जाने का भी जिक्र डायरी में किया गया है।
डायरी के अनुसार, पांच जून की रात से आठ जून की शाम तक लगातार पूछताछ और धन की बरामदगी का सिलसिला चला। इसमें ट्रस्ट स्तर पर भी कार्रवाई की गई और देवोत्तर राशि का काफी धन वापस प्राप्त होने का दावा किया गया।
इस पूरे मामले में चंपत राय की डायरी ने कई सवाल भी खड़े किए हैं। आखिर चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी की शिकायतें कब से सामने आ रही थीं? क्या चार जून को सामने आया मामला सिर्फ एक दिन की घटना थी या इसके पीछे पहले से कोई लंबा सिलसिला चल रहा था? और सबसे बड़ा सवाल, मंदिर परिसर के भीतर की जानकारी बाहर तक कैसे पहुंची?
फिलहाल राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है। चंपत राय की डायरी से सामने आए इन दावों ने मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और उन सवालों के जवाब पर टिकी है, जिनका खुलासा इस मामले की पूरी तस्वीर साफ कर सकता है।





