तस्लीमा नसरीन बोलीं- मेरी टिप्पणी का गलत मतलब निकाला गया, CJP प्रदर्शन पर दी सफाई

बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता तस्लीमा नसरीन ने दिल्ली में हुए CJP छात्र प्रदर्शन को लेकर दिए अपने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन की तस्वीरें देखकर उन्हें बांग्लादेश के वर्ष 2024 के छात्र आंदोलन की याद आई थी, लेकिन उनका उद्देश्य दोनों आंदोलनों को समान बताना नहीं था।
रविवार को कोलकाता में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तस्लीमा नसरीन ने कहा कि उन्होंने CJP आंदोलन का एक छोटा वीडियो देखा, जिसे देखकर उन्हें बांग्लादेश के छात्र आंदोलन की याद आई। उनका दावा है कि बाद में बांग्लादेश के उस आंदोलन के पीछे कट्टरपंथी तत्वों की भूमिका सामने आई थी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान केवल एक तुलना तक सीमित था, न कि दोनों आंदोलनों को एक जैसा बताने के लिए।
गौरतलब है कि तस्लीमा नसरीन इससे पहले भी 24 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर इसी तरह की टिप्पणी कर चुकी थीं। उस समय भी उन्होंने कहा था कि दिल्ली के आंदोलन की तस्वीरों ने उन्हें बांग्लादेश की घटनाओं की याद दिलाई, लेकिन दोनों परिस्थितियां अलग हैं।
इस बीच दिल्ली सरकार ने हालिया छात्र प्रदर्शनों में शामिल लोगों को राहत देते हुए कहा है कि उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार के अनुसार, जिन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है, उनके मामलों की समीक्षा कर रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हालांकि, जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर CJP का छात्र आंदोलन 37 दिनों तक चला था। आंदोलन के दौरान कई मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद सरकार ने कुछ मांगों को स्वीकार करने की घोषणा की थी।





