यूपी की सियासत में हलचल, छोटे दलों ने तेज की तैयारी; रालोद-भाजपा बैठक और चंद्रशेखर के दांव पर नजर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। एक ओर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनावी तालमेल मजबूत करने के लिए अहम बैठक की, वहीं दूसरी ओर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 45 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की पहली सूची जारी कर चुनावी तैयारियों को गति दे दी है।
आजाद समाज पार्टी ने पहली सूची में अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), मुस्लिम और सिख समाज से जुड़े नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी का कहना है कि विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा। सूची में सीतापुर की सेवता सीट पर अंबिका मौर्य, मिश्रिख से सौरभ किशोर, हरगांव से विनीता राजवंशी, लखनऊ कैंट से अनिकेत धानुक और बाराबंकी की कुर्सी सीट से ज्ञानेंद्र वर्मा समेत कई नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और रालोद के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा के बीच हुई बैठक में एनडीए के संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने प्रदेश और जिला स्तर पर पदाधिकारियों के बीच नियमित संवाद, बेहतर तालमेल और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर सहमति जताई।
बैठक में विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति, प्रदेश के बदलते राजनीतिक समीकरण, पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर प्रदेश में रालोद के संगठन विस्तार और जनाधार बढ़ाने के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों दलों ने चुनाव से पहले संयुक्त रूप से जनसंपर्क अभियान तेज करने और एनडीए को और मजबूत बनाने की रणनीति पर जोर दिया।
बैठक के दौरान रालोद के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को उनकी प्रसिद्ध कृति ‘गोदान’ भेंट की। बैठक में रालोद के प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी समेत दोनों दलों के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।





