सड़क से संसद तक घमासान: CJP मार्च के बीच सपा सांसद हिरासत में, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की अहम बैठक

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सड़क से लेकर संसद तक सियासी हलचल तेज रही। एक ओर संसद के भीतर विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जोरदार हंगामा किया, वहीं जंतर-मंतर से निकाले गए CJP के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

संसद में विपक्ष का हंगामा

मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा, पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और दिनभर में पांच बार स्थगित करनी पड़ी।

शाह-प्रधान की मुलाकात

इसी दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद भवन परिसर में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब विपक्ष और प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि, बैठक में क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।

CJP संसद मार्च के दौरान झड़प

शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट के पास रोक दिया। बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। झड़प में दिल्ली पुलिस का एक उप-निरीक्षक घायल हो गया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव भी किया गया।

सपा का हिरासत का दावा

समाजवादी पार्टी ने दावा किया कि छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे उसके कई सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पार्टी के अनुसार, मैनपुरी सांसद डिंपल यादव समेत कई सांसदों को रोका गया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और युवाओं की समस्याओं को सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है।

अभिजीत दीपके ने खत्म किया अनशन

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आग्रह पर अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी। सोनम वांगचुक फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं, CJP प्रवक्ता ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आरोप लगाया।

गुजरात में भी प्रदर्शन

दिल्ली के अलावा गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, जूनागढ़ और भावनगर समेत कई शहरों में भी CJP के समर्थन में प्रदर्शन हुए। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।

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