पहचान छिपाकर युवती को फंसाने का आरोप, गैंगरेप और धर्मांतरण की जांच शुरू

दिल्ली की एक 23 वर्षीय युवती ने मेरठ निवासी फहीम उर्फ साहिल और उसके परिवार के सदस्यों पर अपहरण, गैंगरेप, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता की शिकायत पर 14 मई 2026 को जामिया नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2021 में इंस्टाग्राम के जरिए उसकी पहचान साहिल नाम बताने वाले युवक से हुई थी। बाद में आरोपी ने कथित तौर पर उसे अपने जाल में फंसाया, नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता रहा।
शिकायत के अनुसार, आरोपी उसे मेरठ के सठला गांव स्थित अपने घर ले गया, जहां उसे पता चला कि साहिल का असली नाम फहीम है। युवती का आरोप है कि वहां उसे बंधक बनाकर रखा गया, जबरन निकाह कराया गया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि परिवार के लोग उसे बुर्का पहनने, गोमांस खाने और धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर करते थे।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ कई बार यौन उत्पीड़न किया गया और विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। उसने दावा किया कि उसे परिवार और समाज से अलग-थलग कर दिया गया था, जिसके कारण वह वर्षों तक वहां से निकल नहीं सकी।
मामले में दिल्ली पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए फहीम, उसके पिता, मां, भाई और एक मौलवी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एक भाई और बहन फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी आरोपों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता द्वारा लगाए गए अन्य गंभीर आरोपों की भी जांच की जा रही है।
इस बीच, आरोपी परिवार के खिलाफ आपराधिक गतिविधियों और अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।





