दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन, भारतीय शूटिंग ने खोया अपना चमकता सितारा

भारत के दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने उनके निधन की पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार, 1 जून को जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके हृदय में स्टेंट डाला गया था। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 स्वर्ण पदक सहित कुल 15 पदक जीते थे। वहीं एशियन गेम्स में उनके नाम 8 पदक दर्ज हैं, जिनमें 4 स्वर्ण पदक शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर में कुल 23 अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
राणा को 18 वर्ष की उम्र में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 1994 की मिलान विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में घुटने में गंभीर संक्रमण के बावजूद दर्द से जूझते हुए स्वर्ण पदक जीतना उनके करियर की सबसे प्रेरणादायक उपलब्धियों में से एक माना जाता है।
हाल के वर्षों में वह कोच के रूप में भी भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे थे। वह पेरिस ओलिंपिक में दो पदक जीतने वाली स्टार शूटर मनु भाकर के कोच रहे और फरवरी 2025 में भारतीय जूनियर पिस्टल टीम के हाई परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किए गए थे। उनके निधन की खबर मिलने के बाद मनु भाकर ने अपनी ट्रेनिंग रोक दी।
जसपाल राणा के निधन पर खेल जगत में शोक की लहर है। ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने उन्हें भारतीय निशानेबाजी का महान खिलाड़ी बताते हुए श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया और इसे भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
जसपाल राणा का योगदान केवल एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं था। उन्होंने अपनी उपलब्धियों, संघर्ष और कोचिंग के जरिए भारतीय निशानेबाजी की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। उनका निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।





