सांस फूलने से बिगड़ी हालत, एवरेस्ट से लौटते वक्त 2 भारतीय पर्वतारोहियों की मौत

माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद उतरते समय दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत हो गई। नेपाल अभियान संचालक संघ के महासचिव ऋषि भंडारी ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अरुण कुमार तिवारी और संदीप अरे एवरेस्ट से नीचे उतरते समय अत्यधिक थकान का शिकार हो गए थे, जिससे उनकी सांसें फूलने लगीं।
भंडारी के अनुसार संदीप अरे ने बुधवार को, जबकि अरुण तिवारी ने गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह की थी। अरुण तिवारी की मौत हिलेरी स्टेप के पास हुई। वहीं संदीप अरे को शेरपा रेस्क्यू टीम कैंप-2 तक सुरक्षित ले आई थी, लेकिन कैंप पहुंचने के कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई।
बुधवार को संदीप अरे समेत तीन भारतीय पर्वतारोहियों ने 8,848 मीटर ऊंची दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतह की थी। अन्य दो पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी और अजय पाल सिंह धालीवाल थे। इसके अगले दिन गुरुवार को अरुण तिवारी और लक्ष्मीकांत मंडल भी एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचे थे।
इस पर्वतारोहण सीजन में अब तक माउंट एवरेस्ट पर तीन नेपाली पर्वतारोहियों समेत पांच लोगों की मौत हो चुकी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक नेपाल सरकार ने इस वर्ष एवरेस्ट अभियान के लिए रिकॉर्ड 493 परमिट जारी किए हैं, जो 1953 में तेनजिंग नोर्गे और सर एडमंड हिलेरी की पहली सफल चढ़ाई के बाद सबसे अधिक संख्या है।
इस बार पर्वतारोहण अभियान की शुरुआत देरी से हुई थी, क्योंकि खुम्बू आइसफॉल क्षेत्र में रस्सियां लगाने और मार्ग तैयार करने में समय लगा। 13 मई को रस्सियां फिक्स होने के बाद आधिकारिक तौर पर अभियान शुरू हुआ। बुधवार को नेपाल की ओर से एक ही दिन में रिकॉर्ड 274 पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट फतह कर नया रिकॉर्ड बनाया।





