फास्टैग नहीं तो देना होगा जुर्माना, हाईवे पर शुरू होगी ऑटोमैटिक टोल वसूली

राजस्थान के टोल प्लाजा जल्द पूरी तरह फ्री फ्लो सिस्टम पर काम करेंगे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद हाईवे पर टोल बूथ आने पर वाहनों को बैरियर खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वाहन अपनी तय रफ्तार से गुजर जाएंगे और टोल राशि फास्टैग के जरिए अपने आप कट जाएगी।
यदि किसी वाहन पर फास्टैग नहीं लगा होगा तो उसकी नंबर प्लेट के आधार पर टोल शुल्क के साथ पेनल्टी भी वसूली जाएगी। इसका मैसेज सीधे वाहन मालिक के मोबाइल पर भेजा जाएगा। इसके अलावा वाहन की फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की भी जांच होगी। नियमों का पालन नहीं मिलने पर अलग से जुर्माना लगाया जाएगा।
नई व्यवस्था का एक बड़ा असर यह होगा कि विधायक, सांसद, प्रधान या अन्य पदनाम लिखी गाड़ियां भी बिना वैध छूट के टोल से नहीं बच सकेंगी। केवल NHAI की गाइडलाइन के तहत अधिकृत वाहनों को ही छूट मिलेगी और उनका रिकॉर्ड पोर्टल से जुड़ा रहेगा।
एनएचएआई के अनुसार दिसंबर 2026 तक जोधपुर के डांगियावास, जयपुर के मनोहरपुर और सीकर के अखैपुर टोल प्लाजा को फ्री फ्लो सिस्टम में बदलने की तैयारी है। जोधपुर के डांगियावास टोल प्लाजा पर करीब 80 प्रतिशत काम पूरा भी किया जा चुका है।
NHAI परियोजना निदेशक गजेंद्र सिंह ने बताया कि पहले चरण में सभी टोल प्लाजा को कैशलेस किया गया है। अब अगले चरण में फ्री फ्लो तकनीक लागू की जाएगी, जिससे वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा। जिन वाहनों का फास्टैग ब्लैकलिस्ट होगा या उपलब्ध नहीं होगा, उनके रिकॉर्ड में रिमार्क दर्ज किया जाएगा और बाद में पेनल्टी के साथ शुल्क जमा कराना होगा।
केंद्र सरकार ने 1 मई से NHAI के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया है। फिलहाल फास्टैग नहीं होने पर कुछ समय तक UPI भुगतान की सुविधा दी जा रही है, लेकिन इसमें 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है।





