Vrindavan में छिपकर रह रहे पति-पत्नी गिरफ्तार, Punjab Police ने किया खुलासा

Punjab Police ने अवैध तरीके से लोगों को विदेश भेजने (कबूतरबाजी) के मामले में फरार चल रहे दंपती को Vrindavan से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सुनरख मार्ग स्थित हरे कृष्णा ऑर्चिड सोसायटी के बी-ब्लॉक स्थित फ्लैट नंबर 812 में दबिश देकर पति-पत्नी को हिरासत में लिया। कार्रवाई के बाद सोसायटी में हलचल मच गई।
आरोपी सौरभ गुप्ता और उनकी पत्नी प्रगति गुप्ता, मूल रूप से पंजाब के पटियाला निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, दंपती अवैध रूप से लोगों को विदेश भेजने का गिरोह चला रहे थे और इसके बदले 50 लाख से ढाई करोड़ रुपये तक वसूलते थे। जनवरी माह में पंजाब के मलेरकोटला में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद से वे फरार चल रहे थे।
पंजाब के मलेरकोटला से आई पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश दी। बताया जा रहा है कि दंपती पिछले ढाई साल से वृंदावन में धार्मिक वेशभूषा में रह रहे थे और यहीं से अपना नेटवर्क संचालित कर रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान उनके दो बच्चे भी फ्लैट में मौजूद थे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। मामले की आगे की जांच पंजाब पुलिस कर रही है।
गौरतलब है कि पंजाब में ‘कबूतरबाजी’ शब्द का इस्तेमाल अवैध रूप से लोगों को विदेश भेजने के लिए किया जाता है। यह शब्द पारंपरिक कबूतरों के खेल से अलग संदर्भ में प्रयोग होता है।





