सनसनीखेज वारदात से इलाके में दहशत, एक पीड़िता चार महीने से अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में चांदी के कड़ों की लूट के लिए बुजुर्ग महिलाओं पर की गई दरिंदगी ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। चार अलग-अलग घटनाओं में बदमाशों ने महिलाओं के गले काटे और कड़े नहीं निकलने पर पैरों के पंजे तक काट दिए। इनमें तीन महिलाओं की हत्या हो चुकी है, जबकि एक महिला गंभीर हालत में महीनों से इलाजरत है।
ताजा मामला 3 फरवरी 2026 का है। बौंली थाना क्षेत्र के कोड्याई गांव निवासी कमला देवी मीणा बकरियां चराने जंगल गई थीं। बदमाशों ने उनका गला काटकर हत्या कर दी और पैरों के पंजे काटकर करीब ढाई किलो चांदी के कड़े लूट लिए। कटे पंजे शव के पास ही मिले। घटना के विरोध में बामनवास विधायक इंदिरा मीणा धरने पर बैठ गईं और तत्कालीन एसपी पर लापरवाही के आरोप लगाए।
इससे पहले 13 मार्च 2025 को सूरवाल थाना क्षेत्र के जटवाड़ा गांव में 60 वर्षीय रामपति की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। उनके सोने के जेवर और डेढ़ किलो चांदी के कड़े लूट लिए गए थे। पैरों के पंजे शव से करीब 50 फीट दूर तालाब में मिले थे। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया था।
20 अप्रैल 2025 को जाहिरा गांव में उर्मिला देवी की भी इसी तरह हत्या कर दी गई। लकड़ियां लेने जंगल गई महिला का शव मिला, गला कटा था और पैरों के पंजे गायब थे। डेढ़ किलो चांदी के कड़े भी लूट लिए गए। इस मामले में अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
9 अक्टूबर 2025 को सीत्तौड़ा गांव की कमला देवी रैगर पर हमला कर बदमाशों ने उनके दोनों पैरों के पंजे काट दिए और कड़े लूट लिए। होश आने पर महिला झाड़ियों से रेंगते हुए सड़क तक पहुंची और मदद मांगी। उन्हें गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया, जहां लंबे समय से इलाज चल रहा है।
लगातार हो रही इन वारदातों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस कुछ मामलों में गिरफ्तारी का दावा कर रही है, लेकिन घटनाओं की पुनरावृत्ति ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।





