घोटाले के आरोप में जेल जा चुके पूर्व शिक्षा मंत्री को विधानसभा की दो अहम समितियों में मिली जगह।

पार्थ चटर्जी, जो शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में जेल जा चुके हैं, उन्हें बजट सत्र से पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा की दो समितियों में शामिल किया गया है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, बेहाला पश्चिम से विधायक चटर्जी को विधानसभा की पुस्तकालय समिति और आवास, अग्नि एवं आपातकालीन सेवाएं तथा आपदा प्रबंधन संबंधी स्थायी समिति का सदस्य बनाया गया है।
11 नवंबर को मिली थी जमानत
शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी के बाद जुलाई 2022 में पार्थ चटर्जी से उनका मंत्री पद और पार्टी के सभी पद छीन लिए गए थे। मामले से जुड़ी संपत्तियों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। बाद में उन्हें पिछले वर्ष 11 नवंबर को जमानत पर रिहा किया गया।
विधानसभा सचिवालय के एक अधिकारी के मुताबिक, सदन के नियमों के अनुसार हर निर्वाचित विधायक को कम से कम दो समितियों में शामिल किया जाना अनिवार्य होता है। अधिकारी ने कहा कि स्पीकर का यह फैसला स्थापित संसदीय परंपराओं के अनुरूप है और इसमें किसी प्रकार का विशेष विचार नहीं किया गया।
विपक्ष ने साधा निशाना
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि बजट सत्र के दौरान चटर्जी को सत्ता पक्ष में सक्रिय भूमिका दी जाती है, तो इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े होंगे।
इस नियुक्ति के बाद राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है और आने वाले बजट सत्र में इस मुद्दे पर तीखी बहस होने के आसार हैं।





