एआर रहमान के बयान पर सोशल मीडिया में फिर छिड़ी बहस

संगीतकार एआर रहमान हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम मिलने पर दिए गए अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। पिछले महीने उन्होंने यह कहकर सबका ध्यान खींचा था कि हाल के दिनों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ‘सांप्रदायिक’ हो गई लगती है। बाद में उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरह से लिया गया। अब उन्होंने कहा कि कोई भी संदेश आगे बढ़ने पर बदल सकते हैं।

बयान पर क्या बोले एआर रहमान
एआर रहमान ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के नए एपिसोड में नजर आए। यहां उन्होंने कहा ‘यह देखना दिलचस्प है कि जानकारी कैसे गलत समझी जाती है। अलग राज्य और अलग संस्कृति का असर पड़ता है। दुनिया के साथ यह दिक्कत है कि कोई भी संदेश बीच में ही खराब हो जाता है।’

‘गांधी टॉक्स’ पर बोले रहमान
एआर रहमान शो में अपनी नई फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ के बारे में बात करने के लिए आए थे। इस फिल्म का निर्देशन किशोर बेलेकर ने किया है। इसमें विजय सेतुपति और अदिति राव हैदरी ने अहम किरदार निभाया है। फिल्म के बारे में बात करते हुए संगीतकार ने कहा कि बिना डायलॉग वाली फिल्म में काम करने में आजादी भी थी और दबाव भी था। उन्होंने कहा ‘अगर किसी फिल्म में आवाज नहीं है तो यह संगीत के लिए जश्न है। आपके पास संगीत बनाने के लिए बहुत मौका है। हालांकि यह परेशान करने वाला भी है कि लोग आपको जज करेंगे।’

क्या बोले थे रहमान?
एआर रहमान ने हाल ही में बीबीसी एशियन नेटवर्क के साथ बातचीत में बताया था कि पिछले आठ वर्षों में उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कम काम मिला है। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा ‘शायद पिछले आठ वर्षों में पावर शिफ्ट हुआ है। अब पावर उन लोगों के पास है जो क्रिएटिव नहीं हैं। यह कोई सांप्रदायिक बात भी हो सकती है… लेकिन यह मेरे साथ नहीं हुआ।’ उनके इस बयान पर कई सेलेब्स ने प्रतिक्रिया दी थी। इसके बाद रहमान ने सफाई दी थी।

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