कार्योत्तर पर्यावरणीय मंजूरी पर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती: जयराम रमेश ने दायर की याचिका

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कार्योत्तर पर्यावरणीय मंजूरी (एक्स पोस्ट फैक्टो) को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी मंजूरियां कानून की मूल भावना के खिलाफ हैं और यह शासन व्यवस्था का मजाक उड़ाने जैसा है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की है। उन्होंने लिखा कि अरावली को फिर से परिभाषित करने से जुड़े पहले के फैसले पर 29 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई समीक्षा से उन्हें इस मामले में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
कांग्रेस नेता का कहना है कि बिना पूर्व पर्यावरणीय मंजूरी के परियोजनाओं को बाद में अनुमति देना पर्यावरण संरक्षण कानूनों को कमजोर करता है और इससे नियमों के उल्लंघन को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने इस प्रावधान को असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है।
अब इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह फैसला देश की पर्यावरणीय नीतियों पर दूरगामी असर डाल सकता है।





