अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा राष्ट्रीय हित से समझौता नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी संधि या समझौते को देशहित को प्राथमिकता देकर किया जाना चाहिए, न कि विदेशी सरकारों या अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के दबाव में।

अदालत ने स्पष्ट किया कि भारत को अपनी टैक्स संप्रभुता (Tax Sovereignty) की रक्षा करनी चाहिए और कर व्यवस्था में निष्पक्षता सुनिश्चित करनी होगी।

पीठ ने कहा कि जब भारत अंतरराष्ट्रीय टैक्स समझौतों में शामिल होता है, तो यह ध्यान रखना आवश्यक है कि उनका दुरुपयोग न हो और वे राष्ट्रीय हितों के विपरीत न जाएं।

सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय कर समझौतों और आर्थिक नीतियों को लेकर सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मानी जा रही है।

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