पाकिस्तान को लेकर चेतावनी: थरूर बोले खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि विदेश नीति किसी पार्टी की नहीं, बल्कि पूरे देश की होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में किसी प्रधानमंत्री की हार पर खुशी जताना और उसे भारत की हार बताना सही सोच नहीं है। पंडित जवाहरलाल नेहरू के शब्दों को याद करते हुए थरूर ने कहा— “अगर भारत मर गया, तो कौन जिएगा?”
शुक्रवार को इंडिया टुडे से बातचीत में थरूर ने पाकिस्तान से जुड़े सुरक्षा खतरों को गंभीर बताते हुए कहा कि भारत को इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। उनके अनुसार पाकिस्तान अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव कर रहा है और अब हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक तथा छिपकर हमला करने की नीति पर जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ड्रोन, रॉकेट और मिसाइल हमलों का सहारा ले चुका है और अब और उन्नत व खतरनाक तकनीकों की ओर बढ़ रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए थरूर ने उसे बेहद समस्याग्रस्त देश बताया। उन्होंने कहा कि वहां नाम मात्र की नागरिक सरकार है, जबकि वास्तविक सत्ता सेना के हाथ में है और नीति निर्धारण में सैन्य प्रतिष्ठान का दबदबा रहता है। थरूर के मुताबिक पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था—जहां जीडीपी ग्रोथ करीब 2.7% है—भविष्य में जोखिम भरे फैसलों को बढ़ावा दे सकती है।
थरूर ने क्षेत्रीय हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश इस समय ऊर्जा संकट, बढ़ती महंगाई और निवेशकों के घटते भरोसे जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। भारत के लिए एक शांत और स्थिर बांग्लादेश जरूरी है, क्योंकि अस्थिरता भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने बांग्लादेश के लिए बंदरगाह, रेल और ऊर्जा ग्रिड जैसी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजनाएं प्रस्तावित की हैं, जिनका लाभ तभी मिलेगा जब क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।
थरूर ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत को अपनी विदेश नीति और सुरक्षा प्राथमिकताओं पर सतर्क रहते हुए संतुलित और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना होगा।





