राजगढ़ में बवाल: स्कूल ट्रांसफर के विरोध में सड़क पर उतरे लोग, हाईवे पर लंबा जाम

अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे में केंद्रीय विद्यालय को दूसरे गांव में शिफ्ट करने के फैसले के खिलाफ लोगों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को आंदोलन के तीसरे दिन भी कस्बे के बाजार पूरी तरह बंद रहे और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी समेत सभी वाहनों को रोक दिया, जिससे अलवर–सिकंदरा मेगा हाईवे पर लंबा जाम लग गया।

प्रदर्शनकारियों ने राजगढ़ औद्योगिक क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर के पास सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। सर्व समाज के लोगों ने साफ कहा कि केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति राजगढ़ के लिए मिली थी, लेकिन अब उसे रैणी क्षेत्र के दलालपुर गांव में ले जाना सरासर गलत है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

‘राजगढ़ के बच्चों का हक छीना जा रहा’

आंदोलन में शामिल राजगढ़ निवासी प्रकाश सोनी ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय राजगढ़ में स्वीकृत हुआ था और यहां स्कूल खोलने के लिए जमीन भी उपलब्ध है। इसके बावजूद उसे दलालपुर गांव में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय नेताओं के दबाव में यह फैसला लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह राजगढ़ के बच्चों के अधिकारों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ पूरी लड़ाई लड़ी जाएगी।

तीन दिन से पूरा कस्बा बंद

राजगढ़ निवासी अशोक सैनी ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय को राजगढ़ में ही खोलने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से पूरा कस्बा बंद है। प्रशासन ने सड़क खुलवाने के लिए पुलिस बल तैनात किया है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इमरजेंसी सेवाओं को नहीं रोका जा रहा है, लेकिन अन्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद है।

आंदोलन को मिल रहा सामाजिक समर्थन

आंदोलन को राजगढ़ के वकीलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। सैनी समाज ने आंदोलन में शामिल लोगों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक केंद्रीय विद्यालय को राजगढ़ में ही खोलने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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