राज्यसभा की हरी झंडी के साथ कानून बना निरसन एवं संशोधन विधेयक 2025

संसद ने बुधवार को 71 पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को निरस्त या संशोधित करने वाला निरसन एवं संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया। इस विधेयक का उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाना और कानूनी प्रक्रियाओं को सरल करना है। विधेयक को पहले लोकसभा ने मंजूरी दी थी और अब राज्यसभा ने भी इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया है।
विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल व्यापार करने में आसानी तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों के जीवन को भी सरल बनाना है। उन्होंने बताया कि समय के साथ कई कानून अप्रासंगिक हो चुके हैं या उनमें व्यावहारिक त्रुटियां हैं, जिन्हें हटाना जरूरी हो गया था।
कानून मंत्री ने कहा कि ऐसे पुराने कानूनों के बने रहने से न सिर्फ भ्रम की स्थिति पैदा होती है, बल्कि अनावश्यक कानूनी प्रक्रियाएं भी बढ़ती हैं। नए विधेयक के तहत इन कानूनों को समाप्त या संशोधित कर प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
सरकार के अनुसार, इस कदम से नागरिकों और संस्थाओं पर कानूनी बोझ कम होगा और शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा सकेगा।





