राहुल गांधी मानहानि मामले में जांच आख्या पेश नहीं, अदालत ने सुनवाई 5 जनवरी तक टाली

हाथरस के एसीजेएम, एमपी/एमएलए कोर्ट दीपक नाथ सरस्वती के न्यायालय में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल मानहानि परिवाद पर सुनवाई एक बार फिर टल गई है। न्यायालय ने इस मामले में सीओ सादाबाद को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए थे, लेकिन पुलिस की जांच आख्या समय पर प्रस्तुत न होने के कारण अगली सुनवाई की तारीख 5 जनवरी निर्धारित की गई है।
क्या है मामला?
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर के अनुसार, चंदपा क्षेत्र के रामकुमार उर्फ रामू ने राहुल गांधी के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। इसके अलावा लवकुश और रवि नामक दो अन्य व्यक्तियों ने भी अलग-अलग परिवाद दायर किए हैं।
परिवाद में आरोप है कि 12 दिसंबर 2024 को राहुल गांधी ने वोट बैंक की राजनीति और जातिगत विद्वेष फैलाने के उद्देश्य से बूलगढ़ी गांव का दौरा किया और न्यायालय के निर्णय के बावजूद मृत विषय को पुनर्जीवित किया।
सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति
आरोप है कि राहुल गांधी ने अपने एक्स (Twitter) हैंडल पर पोस्ट कर परिवादियों को समाज में अपमानित किया और उनके “चारित्रिक हनन” का प्रयास किया। परिवाद में कहा गया है कि न्यायालय द्वारा दोषमुक्त किए जा चुके युवकों को राहुल गांधी ने ‘गैंगरेप आरोपी’ बताया, जबकि उन्हें इस निर्णय की पूरी जानकारी थी।
जांच रिपोर्ट समय पर नहीं
इस मामले में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट 4 दिसंबर तक न्यायालय में भेजी जानी थी, लेकिन सादाबाद पुलिस ने रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की।
ऐसे में न्यायालय ने सुनवाई की अगली तारीख 5 जनवरी तय कर दी है।





