40 लाख के कर्ज में डूबा था बेटा, जुए की लत ने पहुंचाया अपराध तक; विनीत मिनोचा हत्याकांड का खुलासा

कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश मृतक के बेटे सुब्रत मिनोचा ने रची थी। बताया गया कि सुब्रत सट्टे और कैसीनो की लत के चलते 40 लाख रुपये से अधिक के कर्ज में डूब गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
बेटे पर साजिश रचने का आरोप
पुलिस के अनुसार, सुब्रत को उसके पिता हर महीने करीब 40 हजार रुपये जेब खर्च के लिए देते थे। इसके बावजूद वह सट्टेबाजी और कैसीनो में पैसे गंवाता रहा और उस पर भारी कर्ज हो गया। पुलिस का कहना है कि आर्थिक दबाव और पिता की ओर से पैसे देने पर रोक लगाए जाने के बाद उसने हत्या की साजिश रची।
जांच के मुताबिक, सुब्रत ने विशाल गौतम और राजकिशोर के साथ मिलकर योजना बनाई और कथित तौर पर शूटरों के जरिए अपने पिता की हत्या कराई।
असली चाबी से खोला गया था फ्लैट
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात वाले दिन फ्लैट का दरवाजा किसी डुप्लीकेट चाबी से नहीं, बल्कि असली चाबी से खोला गया था। पुलिस के अनुसार, यह चाबी सुब्रत ने शूटरों को उपलब्ध कराई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के समय सुब्रत अपनी पत्नी के साथ बाहर पार्टी में होने का दावा कर रहा था। वहीं, अपार्टमेंट की गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक पूर्व कर्मचारी समेत दो लोगों के फ्लैट में दाखिल होने की तस्वीरें सामने आई थीं। पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए सुब्रत को साजिश से जोड़ा।
पत्नी शालू ने पति को बताया निर्दोष
पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने अपने पिता पर महिलाओं से अवैध संबंध होने का आरोप लगाया और संपत्ति को लेकर खतरा बताया। वहीं, उसकी पत्नी शालू ने अपने पति को निर्दोष बताते हुए पुलिस से उसे गिरफ्तार करने की मांग की थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों के बयानों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की।
पांच सितंबर को हुई थी हत्या
विनीत मिनोचा की पांच सितंबर की देर रात रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट स्थित फ्लैट नंबर सी-104 में धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, शव पर डेढ़ दर्जन से अधिक वार के निशान मिले थे। वारदात के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
मामले की जांच के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे। खबर के अनुसार, वारदात के बाद सुब्रत करीब 15 मिनट तक कमरे में बिना पुलिस सुरक्षा के अकेला रहा। दोनों दरवाजों पर भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं थे। इस मामले में डीसीपी कासिम आबादी ने इंस्पेक्टर केशव तिवारी को फटकार लगाई।
पुलिस अब हत्या की साजिश में शामिल अन्य आरोपियों और शूटरों की भूमिका की भी जांच कर रही है।





