यूपी में सीट शेयरिंग बनी गठबंधनों की सिरदर्दी, NDA और INDIA में सहयोगियों की बढ़ी नाराजगी

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। एनडीए और INDIA गठबंधन, दोनों खेमों में सहयोगी दल अपनी हिस्सेदारी को लेकर दबाव बनाने में जुटे हैं। एक तरफ समाजवादी पार्टी एनडीए के सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर खींचतान बढ़ाने की कोशिश में है, तो दूसरी ओर कांग्रेस भी अपने बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का हवाला देते हुए सीट बंटवारे में बड़ी हिस्सेदारी चाहती है।
प्रदेश में चुनावी माहौल बनने के साथ ही गठबंधन की राजनीति नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। एनडीए में रालोद, सुभासपा, निषाद पार्टी और अपना दल जैसे सहयोगी दलों की सीटों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। वहीं INDIA गठबंधन में सपा और कांग्रेस के बीच भी सीटों के बंटवारे को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।
बढ़े ग्राफ से उत्साहित कांग्रेस
INDIA गठबंधन में कांग्रेस अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत मानते हुए सीटों के बंटवारे में बड़ी हिस्सेदारी चाहती है। पार्टी सभी विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी और संभावित उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बना रही है। ऐसे में सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग का मुद्दा आने वाले दिनों में अहम रहने वाला है। हालांकि, अभी अंतिम सीट समझौते का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।
एनडीए में सहयोगी दलों की बढ़ी अहमियत
दूसरी ओर एनडीए में भी सहयोगी दल अपनी राजनीतिक ताकत और प्रभाव के आधार पर ज्यादा सीटों की उम्मीद लगाए हुए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सीट बंटवारे को लेकर दिए गए बयानों के बाद रालोद, सुभासपा, निषाद पार्टी और अपना दल को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। ओम प्रकाश राजभर लगातार विपक्षी दलों पर हमलावर हैं, जिससे 2027 के चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी और तेज होती दिख रही है।
सपा की रणनीति से बढ़ा सियासी दबाव
अखिलेश यादव की कोशिश एनडीए के भीतर सीटों को लेकर संभावित मतभेदों को राजनीतिक मुद्दा बनाने की भी दिखाई दे रही है। वहीं विपक्षी खेमे में कांग्रेस की बढ़ती सीटों की मांग सपा के लिए नई चुनौती बन सकती है। हाल के दिनों में अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह की मुलाकात ने भी नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा को हवा दी है, हालांकि किसी नए गठबंधन का आधिकारिक एलान नहीं हुआ है।
2027 के चुनाव से पहले बढ़ेगी रस्साकशी
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले 2027 के चुनाव से पहले गठबंधन की राजनीति लगातार बदलती नजर आ रही है। एनडीए हो या INDIA गठबंधन, दोनों खेमों में छोटे-बड़े दल अपनी सियासी ताकत के आधार पर बेहतर हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश में हैं। ऐसे में सीट बंटवारे की यह खींचतान आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है और चुनाव से पहले कई नए राजनीतिक समीकरण भी सामने आ सकते हैं।





