यूजीसी विरोध में सड़क पर बवाल, एक्सप्रेसवे जाम और पथराव से मची अफरा-तफरी; पुलिस का लाठीचार्ज

यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर रविवार को आगरा में प्रदर्शन के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई। मुड़ी चौराहे से ट्रैक्टर मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर जा रहे प्रदर्शनकारियों ने नादऊ के पास पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और खेतों के रास्ते यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को खड़ा कर यातायात रोक दिया।
प्रदर्शन के चलते एक्सप्रेसवे पर करीब 45 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। बाद में पुलिस और प्रदर्शनकारी नेताओं के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी एक्सप्रेसवे से नीचे उतरे और यातायात बहाल कराया गया।
एक हजार प्रदर्शनकारी और 300 से अधिक ट्रैक्टर शामिल
रविवार सुबह करीब 11:30 बजे मुड़ी चौराहे से 300 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ करीब एक हजार प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट घेराव के लिए रवाना हुए थे। स्थिति को देखते हुए पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई थी।
नादऊ में यमुना एक्सप्रेसवे के पुल के नीचे पुलिस-प्रशासन ने हाइड्रा, जेसीबी और बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता रोक रखा था। रास्ता बंद मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई और बैरिकेडिंग हटा दी गई।
एक्सप्रेसवे पर यातायात रुका, बाद में कराया गया बहाल
दोपहर करीब 12:30 बजे कुछ प्रदर्शनकारी खेतों के रास्ते एक्सप्रेसवे पर पहुंच गए। कुछ लोग सर्विस रोड से ट्रैक्टर भी लेकर आए। इसके बाद एक्सप्रेसवे के दोनों ओर यातायात रुक गया।
प्रदर्शनकारी ट्रकों पर चढ़कर यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर नारे लगाने लगे। करीब सवा एक बजे पुलिस और प्रदर्शनकारी नेताओं ने बातचीत कर लोगों को एक्सप्रेसवे से नीचे उतारा, जिसके बाद यातायात सामान्य हुआ।
नाई की सराय पर फिर हुआ विवाद
एक्सप्रेसवे से नीचे उतरने के बाद करीब एक दर्जन ट्रैक्टरों पर सवार प्रदर्शनकारी शहर की ओर बढ़ने लगे। नाई की सराय पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठी चलाकर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। इस दौरान पथराव भी हुआ, जिससे सड़क से गुजर रहे एक कंटेनर के शीशे टूट गए। लाठीचार्ज के दौरान खंदौली के आविदगढ़ निवासी सचिन के पैर में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस आयुक्त ने बताई अलग तस्वीर
दोपहर करीब तीन बजे पुलिस आयुक्त दीपक कुमार भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के अनुसार, यूजीसी बिल के विरोध में प्रदर्शन हुआ था और कुछ लोगों ने एक्सप्रेसवे पर पहुंचकर प्रदर्शन करने का प्रयास किया। उनका कहना है कि पुलिस ने लोगों को समझाकर नीचे उतार दिया और जाम लगाने की कोशिश करने वालों को हटाया गया। उन्होंने जलेसर मार्ग पर पुलिस द्वारा लाठी चलाए जाने से इनकार किया।
ज्ञापन देने को लेकर प्रदर्शनकारियों में मतभेद
प्रदर्शन के अंतिम चरण में ज्ञापन सौंपने को लेकर प्रदर्शनकारियों के बीच भी मतभेद सामने आए। यूजीसी मुक्ति मोर्चा और अन्य संगठनों के वरिष्ठ नेताओं ने एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
हालांकि, कुछ युवा डीएम को मौके पर बुलाकर ज्ञापन लेने की मांग पर अड़ गए। इसको लेकर काफी देर तक गहमागहमी रही। बाद में वरिष्ठ नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने युवाओं को समझाकर शांत कराया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
शहर में तैनात रहा अतिरिक्त पुलिस बल
प्रदर्शनकारियों के शहर में प्रवेश की योजना को देखते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई थी। मुख्यालय के अलावा हरीपर्वत, भगवान टाकीज और झरना नाला समेत अन्य स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। ट्रैक्टरों से आने वाले प्रदर्शनकारियों पर भी पुलिस नजर रख रही थी।





