कर्नाटक में कांग्रेस की बड़ी बैठक! राहुल गांधी के दौरे में नागेंद्र के इस्तीफे पर फैसला, भाजपा निशाने पर

कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द कर्नाटक का दौरा कर सकते हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बताया कि दिल्ली में राहुल गांधी के साथ उनकी मुलाकात हुई, जिसमें राज्य, देश और कांग्रेस से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। राहुल गांधी के संभावित दौरे को लेकर कर्नाटक कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

शिवकुमार के मुताबिक, राहुल गांधी के कर्नाटक दौरे के दौरान गिग वर्कर्स से जुड़े मुद्दों पर एक बड़ा सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी है। इसके लिए श्रम विभाग के साथ मिलकर कार्यक्रम की तारीख तय की जाएगी। कर्नाटक सरकार गिग वर्कर्स के हितों को लेकर कानून बनाने की तैयारी भी कर रही है।

गिग वर्कर्स के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स से जुड़े कानून और उनके हितों को लेकर सुझाव दिए हैं। सरकार उनकी समस्याओं और अधिकारों पर गंभीरता से काम कर रही है। राहुल गांधी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर भी उठा सकते हैं।

इसके अलावा राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार नई योजना तैयार कर रही है। शिक्षा और स्कूल व्यवस्था पर विचार के लिए मंत्री यूटी खादर की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाई गई है। यह समिति विशेषज्ञों की राय लेकर सस्ती शिक्षा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था पर काम करेगी।

नागेंद्र के इस्तीफे पर पार्टी करेगी फैसला

मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे के सवाल पर डीके शिवकुमार ने कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला कांग्रेस पार्टी करेगी। उन्होंने नागेंद्र का बचाव करते हुए उन्हें पार्टी का वफादार नेता बताया।

कथित आदिवासी कल्याण घोटाले में नागेंद्र पर लगे आरोपों को लेकर शिवकुमार ने कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने दावा किया कि मामले में 84 करोड़ रुपये जब्त किए गए, लेकिन नागेंद्र से एक रुपया भी बरामद नहीं हुआ। साथ ही उनके किसी हस्ताक्षर या आदेश का भी पता नहीं चला है।

भाजपा पर राजनीतिकरण का आरोप

डीके शिवकुमार ने भाजपा पर इस मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस सरकार को निशाना बना रही है। शिवकुमार ने दावा किया कि अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सभी 17 सीटों पर कांग्रेस की जीत के बाद भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

वहीं भाजपा की प्रस्तावित पदयात्रा पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष को प्रदर्शन करने से नहीं रोक सकती। हालांकि उन्होंने विधानसभा में विपक्ष के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उचित प्रक्रिया के तहत नोटिस देकर चर्चा की जाती तो सरकार विपक्ष के आरोपों का जवाब देती।

राहुल गांधी के संभावित कर्नाटक दौरे, गिग वर्कर्स सम्मेलन और बी. नागेंद्र के राजनीतिक भविष्य पर होने वाले फैसले के बीच आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में हलचल और तेज होने की संभावना है।

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