आलीगांव में घरों पर ध्वस्तीकरण का खतरा, स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के खिलाफ जताया विरोध

दक्षिणी दिल्ली के आलीगांव इलाके में 700 से 800 मकानों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोगों का प्रदर्शन जारी है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि उन्हें मकान खाली करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। इसके बाद इलाके में कार्रवाई की तैयारी है।
प्रदर्शनकारी मकानों को गिराए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे किसी भी स्थिति में अपने घर खाली नहीं करेंगे। लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई रोकने और मामले का समाधान निकालने की मांग की है।
15 से 20 हजार लोगों के प्रभावित होने का दावा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कार्रवाई की जद में आने वाले मकानों की संख्या करीब 700 से 800 है। उनका दावा है कि यदि मकान गिराए गए तो करीब 15 हजार से 20 हजार लोग प्रभावित हो सकते हैं और उनके सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो जाएगा।
बताया गया है कि आली चौक से शिव मंदिर तक पुश्ता रोड के दोनों ओर करीब 1,500 मकान और दुकानें हैं। वहीं, पीर मोहल्ले में करीब 300 मकान बताए जा रहे हैं। इनमें से 700 से 800 मकानों पर कार्रवाई की बात कही गई है।
26 से 28 सितंबर तक मकान खाली करने का आदेश
स्थानीय निवासियों के अनुसार, संबंधित मकानों को 26 से 28 सितंबर के बीच खाली करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस मिलने के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई है और वे लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
हाईकोर्ट से राहत नहीं, अगली सुनवाई 2027 में
रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की अगली सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में 24 फरवरी 2027 को होनी है। फिलहाल हाईकोर्ट ने मकानों पर रोक लगाने से इनकार किया है। स्थानीय लोग सोमवार को दोबारा हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी में हैं।
वहीं, रविवार को प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोग अपने मकानों को बचाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
नोट: मकानों की संख्या, प्रभावित लोगों की संख्या और कार्रवाई से जुड़े दावे स्थानीय निवासियों द्वारा बताए गए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी स्थिति का अंतिम निर्धारण संबंधित आदेशों के आधार पर होगा।





