अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा: रामलीला मैदान से साधा निशाना, जमीन और जनहित के मुद्दों पर उठाए सवाल

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में वोट काटने, चुनाव में धांधली और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए भी भाजपा पर हमला बोला।
‘जमीन ही नहीं बची तो अंगद का पैर कहां रखोगे’
रैली को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब एक करोड़ 27 लाख वोट कटने का मुद्दा गंभीर है। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
अखिलेश ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, “जो लोग दावा करते थे कि अंगद का पैर हैं, वे जानते हैं कि जमीन ही नहीं बची है तो पैर कहां रखोगे।” उन्होंने कहा कि जनता भाजपा के खिलाफ एकजुट हो रही है और आने वाले समय में राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा।
भाजपा पर वोट चोरी और चुनाव में धांधली के आरोप
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में जनता के बीच समर्थन हासिल करने के बजाय चुनाव आयोग के माध्यम से रास्ता तलाश रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए लाखों मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप भी लगाया।
अखिलेश यादव ने वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान समाजवादी पार्टी के समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। उनके मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर इसकी जानकारी जुटाकर चुनाव आयोग को शपथपत्र के साथ शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है।
पीलीभीत और रामपुर का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने पीलीभीत और रामपुर में चुनाव के दौरान कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि रामपुर में लोगों को वोट डालने से रोका गया और कुछ मतदाताओं को धमकाया गया।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में ऐसी गड़बड़ियां लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती हैं। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव ने रैली के दौरान लगाए हैं।
‘लोकतंत्र की हल्दी घाटी बन गया रामलीला मैदान’
रामलीला मैदान में जुटी भीड़ को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह मैदान लोकतंत्र की ‘हल्दी घाटी’ बन गया है। उन्होंने कहा कि यहां पहले भी कई ऐतिहासिक घटनाएं हुई हैं और एक बार फिर बदलाव की आवाज उठ रही है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता स्वागत करने के साथ विदाई देना भी जानती है। उनके इस बयान को भाजपा सरकार पर राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है।
राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और चंदे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने भाजपा पर चंदे और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए और कहा कि जनता आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम काटे जाने का मुद्दा आगामी चुनावों में अहम भूमिका निभा सकता है। अखिलेश ने कहा कि इंडिया गठबंधन के दल मिलकर भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने के लिए काम करेंगे।
भाजपा को सत्ता से हटाने का किया दावा
सपा प्रमुख ने कहा कि रामलीला मैदान में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी एकजुटता का संदेश देती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले चुनाव में जनता भाजपा के खिलाफ मतदान करेगी।
गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन की इस रैली में विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने भी अपने संबोधन में वोट चोरी के आरोपों को प्रमुखता से उठाया।





